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Wednesday, 11 November 2020

बहरीन के प्रधानमंत्री खलीफा बिन सलमान का निधन, अमेरिका में चल रहा था इलाज

मनामा के प्रधानमंत्री का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनका इलाज अमेरिका के मेयो क्लिनिक अस्पताल में चल रहा था। हाल में ही बहरीन के पीएम इजरायल के साथ शांति समझौता करने के कारण वैश्विक चर्चा में आए थे। उनके निधन पर बहरीन के शाही उच्चाधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है। एक हफ्ते के लिए राजकीय शोक का ऐलान बहरीन के शासक शेख हमद बिन ईसा अल खलीफा ने पीएम खलीफा के निधन पर एक हफ्ते के लिए राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान बहरीन में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। कोरोना वायरस के कारण उनके अंतिम संस्कार के दौरान भी सीमित संख्या में लोगों को शामिल होने की इजाजत दी जाएगी। सबसे लंबे समय तक रहे पीएम खलीफा बिन सलमान अल खलीफा दुनिया के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक थे। उन्होंने साल 1970 से देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी। 2011 में अरब क्रांति के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उनको हटाने के लिए भी खूब प्रदर्शन हुए थे। निजी द्वीप पर करते थे विदेशी मेहमानों से मुलाकात प्रिंस खलीफा की ताकत और संपत्ति की झलक इस छोटे से देश में चहुंओर दिखाई पड़ती है। देश के शासक के साथ उनका चित्र कई दशकों तक सरकारी दीवारों की शोभा बढ़ाता रहा। खलीफा का अपना एक निजी द्वीप था जहां वह विदेशी मेहमानों से मुलाकात करते थे। शाही परिवार के थे खास प्रिंस, खाड़ी देशों में नेतृत्व करने की पुरानी परंपरा का प्रतिनिधित्व करते थे जिसमें सुन्नी अल खलीफा परिवार के प्रति समर्थन जताने वालों को पुरस्कृत किया जाता था। हालांकि उनके तौर तरीकों को 2011 के विरोध प्रदर्शन के दौरान चुनौती मिली थी।


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Tuesday, 10 November 2020

UAE को F-35 लड़ाकू विमान और MQ-9 ड्रोन बेचेगा अमेरिका, ईरान से निपटने के लिए दे रहा हथियार

अबू धाबी अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात को 1 लाख 73 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हथियारों के डील को मंजूरी दे दी है। इस डील के जरिए अमेरिका अपने स्टेट ऑफ ऑर्ट माने जाने वाले स्टील्थ लड़ाकू विमान एफ-35 और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को यूएई को बेचेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि 23 अरब डॉलर से ज्यादा कीमत वाली इस डील में कई उन्नत हथियार प्रणालियों को संयुक्त अरब अमीरात को दिया जाएगा। इजरायल की आपत्ति के कारण लटकी थी डील यूएई पिछले कई साल से अमेरिका के एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान को खरीदना चाहता था। लेकिन, इजरायल की आपत्ति के कारण यह डील लटकी हुई थी। कुछ महीने पहले ही यूएई ने इजरायल के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया है। हाल में ही यूएई, बहरीन और सूडान ने इजरायल के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ईरान से निपटने के लिए यूएई को हथियार दे रहा अमेरिका पोम्पियो ने कहा कि यूएई को ईरान से खतरा है। इसलिए हम उसे हथियार देकर शक्तिशाली बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह डील हमारे गहन संबंधों और यूएई को ईरान से बढ़ रहे खतरों के खिलाफ बचाव के लिए उन्नत रक्षा क्षमताओं की आवश्यकता की मान्यता देता है। ट्रंप चाहते हैं कि उनके बचे हुए कार्यकाल के अंदर ही सभी लंबित समझौतो का फाइनल कर लिया जाए। इस डील में कौन-कौन से हथियार हैं शामिल इस 23.37 बिलियन डॉलर के पैकेज में 50 F-35 लाइटिंग II विमान, 18 अनमैंड एरियल सिस्टम और एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल शामिल हैं। अमेरिका का एफ-35 लाइटिंग विमान दुश्मन की रेडार के पकड़ में भी नहीं आता है। इसके अलावा यह छोटे से रनवे से आसानी से टेकऑफ भी कर सकता है। इस विमान में कई घातक मिसाइलें भी लगी होती हैं। ईरान और यूएई में तनाव चरम पर बता दें कि अमेरिका, यूएई और इजरायल का ईरान के साथ तनाव चरम पर है। ईरान ने इजरायल के साथ शांति समझौते को लेकर यूएई को खुलेआम धमकी भी दी थी। यूएई सुन्नी बहुल देश है, जबकि ईरान खुद को शियाओं का हिमायती बताता है। यह भी दोनों देशों के बीच विवाद का बड़ा कारण है।


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Sunday, 8 November 2020

इजरायल को तबाह कर सकती हैं ईरान की ये किलर मिसाइलें, जमीन के अंदर बनाया खुफिया ठिकाना

तेहरान अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बीच ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सुरंगों की तस्वीरें जारी की हैं। माना जा रहा है कि ईरान की ये मिसाइलें इजरायल तक सटीक हमला करने में सक्षम हैं। इजरायल और अमेरिका की नजरों से छिपाए रखने के लिए ईरान ने अपने मिसाइल बेस को जमीन के अंदर बनाया है। ईरान की स्टेट टीवी ने कुछ दिन पहले ही नए की तस्वीरें जारी की थी। कुछ महीने पहले ही मिसाइल सिटी बनाने का किया था ऐलान ईरान ने एक हफ्ते पहले की ऐलान किया था कि उसने फिर से अंडरग्राउंड न्यूक्लियर प्लांट को बनाने का काम शुरू कर दिया है। कुछ महीने पहले ही इजरायल की बमबारी में ईरान के परमाणु संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद उसने जमीन के अंदर अपने न्यूक्लिर स्टेशन को बनाने की बात कही थी। माना जा रहा है कि ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के तटों पर भूमिगत मिसाइल सिटी की स्थापना की है। ईरान का दावा- दुश्मन को हिला देंगी ये मिसाइलें ईरानी सेना रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर मेजर जनरल होसैन सलामी ने इस मिसाइल सिस्टम के अनावरण समारोह में भाग लिया। उन्होंने दावा किया कि हमारी मिसाइलों की उड़ान दुश्मन को हिला देगी, और उनका बल दुश्मन को पीछे हटने के लिए मजबूर कर देगा। जनरल सलामी ने कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं ने तेहरान को अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति प्रदर्शित करने की ताकत दी है। ईरानी मिसाइलों के निशाने पर ये देश ईरानी टीवी के प्रसारित वीडियो में एक रेल कार पर लगी पांच इमाद मिसाइलों को दिखाया गया है। ये मिसाइलें एक के बाद एक कर लॉन्च पैड की ओर जाती दिखाई देती हैं। इन मिसाइलों की सीमा के भीतर संभावित लक्ष्यों में इज़राइल, इराक, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं, साथ ही इराक, बहरीन और कतर में अमेरिकी ठिकाने भी शामिल हैं। ड्रोन, टैंक और मशीनगन की जानकारी की सार्वजनिक इससे पहले ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ग्राउंड फोर्स के अंतर्गत आने वाली इकाई रिसर्च एंड सेल्फ-सफिसिएंशी जिहाद ऑर्गनाइजेशन ने बीटीआर-50 टैंक, मेराज-1 ड्रोन, सोबन-1 मशीनगन और रडार सिस्टम की जानकारी को सार्वजनिक किया था। दावा किया गया था कि इन हथियारों को ईरान ने स्वदेशी तकनीकी से बनाया है। वहीं, इजरायल ने हाल में ही ईरान के ऊपर परमाणु बम बनाने का आरोप भी लगाया था। मकरान टैंक का नया वर्जन है बीटीआर-50 टैंक ईरान का बीटीआर-50 टैंक पुराने मकरान टैंक का नया वर्जन है। इसमें फायर कंट्रोल सिस्टम के अलावा 30 एमएम कैलिबर की ऑटोमैटिक तोप और 7.62 कैलिबर की मशीनगन लगी है। यह टैंक नाइट विजन कैमरा की सहायता से रात में भी सटीकता से हमला कर सकता है।


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Saturday, 7 November 2020

UAE: नाबालिग के यौन शोषण पर मौत की सजा, राष्ट्रपति ने कड़े किए कानून, जानें प्रवासियों पर क्या असर

अबु धाबी विदेशी निवेश और विशेषज्ञता के तौर पर (UAE) को विकसित करने के लिए राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान ने कई फैसलों का ऐलान किया है। इनमें से कुछ पर्सनल स्टेटस लॉ, फेडरल पीनल कोड और फेडरल पीनल प्रसीजरल कानून में बदलाव शामिल हैं। इनमें से कुछ का सीधा असर प्रवासियों पर होगा। गौरतलब है कि में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। पैतृक संपत्ति के नियम प्रवासियों की वसीयत और जायदाद, शादी और तलाक, यौन प्रताड़ना जैसे 'सम्मान से जुड़े अपराधों' में बदलाव किए गए हैं। पर्सनल स्टेटस कोड और सिविल लॉ के संशोधनों से UAE में रह रहे प्रवासियों को कानून चुनने की आजादी होगी जो उनकी पैतृक संपत्ति पर लागू होगा ताकि विदेशी निवेशकों के वित्तीय हितों को स्थिरता दी जा सके। पैतृक संपत्ति को लेकर मृतक व्यक्ति की नागरिकता के मुताबिक फैसला किया जाएगा। शादी पर लागू नियम पर्सनल स्टेटस कोड के मुताबिक जिस देश में दो लोगों की शादी हुई होगी, वहां के नियम शादी के नियमों के मुताबिक होंगे न कि पति-पत्नी की नागरिकता के मुताबिक। एक और संशोधन के मुताबिक जिस देश में शादी हुई हो, वहां के नियम शादी के कॉन्ट्रैक्ट, तलाक या अलग होने के समझौते के निजी और वित्तीय मामलों पर भी लागू होंगे। 'ऑनर किलिंग' की सजा 1987 के पीनल कोड नंबर 3 के तहत राष्ट्रपति के फैसलों में बदलाव किए गए हैं। उस आर्टिकल को वापस ले लिया गया है जिसमें 'सम्मान के लिए किए गए अपराध' की सजा कम करने का प्रावधान था। नए संशोधन के तहत हर अपराध से हत्या और दूसरे कानूनी आर्टिकल्स की तरह निपटा जाएगा। इसके तहत महिलाओं के अधिकारों और कानून के पालन को सुनिश्चित किया जाएगा। मिलेगी मौत की सजा सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंधों पर कानून कार्रवाई ऐसे केस में की जाएगी जब पीड़ित की उम्र 14 साल या उससे कम हो या उनकी कम उम्र हो, दिमागी हालत ठीक न हो या वे रिश्तेदार हों या पीड़ित के अभिभावक हो। नाबालिग या मानसिक रूप से विक्षिप्त इंसान के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने पर मौत की सजा दी जाएगी।


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Saturday, 31 October 2020

सऊदी अरब में कार चालक ने मक्का की बड़ी मस्जिद के दरवाजे पर मारी टक्‍कर

दुबई सऊदी अरब में एक व्यक्ति ने शुक्रवार देर रात तेज गति से कार चलाते हुए मक्का की बड़ी मस्जिद के बाहरी द्वार पर टक्कर मार दी। देश की सरकारी समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी। सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि यह घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे की है। व्यक्ति ने अपनी कार से पहले तो अवरोधकों को टक्कर मारी, उसके बाद भी वह वाहन को चलाता रहा और फिर बड़ी मस्जिद के दक्षिण में स्थित द्वार पर उसने टक्कर मारी। एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों ने कार सवार व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है और उनके मुताबिक उसकी स्थिति ‘असामान्य’ प्रतीत हो रही है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें सुरक्षा बल क्षतिग्रस्त कार को घटनास्थल से हटाते देखे जा सकते हैं। कोरोना वायरस महामारी के कारण बंद पड़ी मस्जिद हाल में खोली गई थी। बड़ी मस्जिद के अंदर ही काबा है जहां पर मुस्लिम नमाजी पांचों वक्‍त की नमाज अदा करते हैं। अभी मस्जिद के अंदर कुछ ही लोगों को आने की अनुमति है। सरकारी कुरान टीवी ने दिखाया कि कार के टक्‍कर मारे जाने के दौरान मस्दिज के अंदर नमाज जारी थी और टक्‍कर के बाद भी नमाज जारी रही। इस साल कोरोना वायरस की वजह से सऊदी सरकार ने बहुत कम लोगों को हज की अनुमति दी थी।


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Friday, 30 October 2020

फ्रांस के खिलाफ मुस्लिम जगत में बढ़ा आक्रोश, पाकिस्‍तान से लेकर फलस्‍तीन तक सड़कों पर उतरे लोग

दुबई फ्रांस के नीस शहर के एक चर्च में तीन लोगों की निर्मम हत्‍या के बाद राष्‍ट्रपति इमैनुअल मैक्रां के सख्‍त रुख अपनाने से मुस्लिम देशों में गुस्‍सा और भड़क गया है। पाकिस्तान, लेबनान से लेकर फलस्तीनी क्षेत्र समेत कई अन्य जगहों पर हजारों मुसलमान फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन के लिए शुक्रवार को सड़कों पर उतरे। फ्रांस के राष्ट्रपति ने पैगंबर के कार्टून छापने के संबंध में अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा का संकल्प लिया है जिसके बाद से मुस्लिम जगत में उबाल आ गया है । पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया जब करीब 2000 लोगों ने फ्रांस के दूतावास की ओर जाने की कोशिश की। इस्‍लामाबाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां चलायी। पाकिस्तान के लाहौर में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और कई सड़कों को रोक दिया। मुल्तान में प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का पुतला जलाया। यरूशलम में सैकड़ों फलस्तीनी ने अल अक्सा मस्जिद के बाहर मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए, ‘पैगंबर मोहम्मद के लिए हम कुर्बानी देंगे।’ पुराने शहर में इजराइल पुलिस के साथ कुछ युवाओं की भिड़ंत हो गयी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने भीड़ को तितर बितर कर दिया और तीन लोगों को हिरासत में लिया। ढाका में प्रदर्शन में करीब 50,000 लोग शामिल हुए लेबनान की राजधानी बेरूत में भी लोगों ने प्रदर्शन किए। बांगलादेश की राजधानी ढाका में प्रदर्शन में करीब 50,000 लोग शामिल हुए और मैक्रों का पुतला फूंका। लोगों ने ‘नस्लवाद रोकने’ ‘इस्लाम के खिलाफ नफरत रोकने’ के नारे लगाए और फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की। अफगानिस्तान में भी इस्लामी पार्टी हज्ब-ए-इस्लामी के सदस्यों ने फ्रांस का झंडा जलाया। बांग्लादेश, पाकिस्तान से लेकर कुवैत में पिछले सप्ताह से फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील जोर पकड़ रही है। सोशल मीडिया पर भी फ्रांस के खिलाफ मुहिम चलायी जा रही है। तुर्की ने भी कड़े शब्दों में फ्रांस की आलोचना की है।


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Tuesday, 27 October 2020

कतर में 10 विमानों के महिला यात्रियों के प्राइवेट पार्ट की सघन जांच, भड़का ऑस्‍ट्रेलिया

दोहा कतर के दोहा एयरपोर्ट पर महिला यात्रियों के प्राइवेट पार्ट की आक्रामक तरीके से जांच से विवाद पैदा हो गया है। ऑस्‍ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। ऑस्‍ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने कहा कि 10 यात्री विमानों की महिला यात्रियों की जबरन सघन जांच की गई। यही नहीं स‍िडनी जाने वाले कतर एयरवेज के विमान से महिला यात्रियों को उतरने के लिए मजबूर किया गया और उनके प्राइवेट पार्ट की सघन जांच की गई। दरअसल, कतर एयरपोर्ट के बाथरूम से एक लावारिस नवजात बच्‍चा म‍िला था, इसके बाद दोहा एयरपोर्ट के अधिकारियों ने महिलाओं को जबरन प्राइवेट पार्ट की जांच करवाने के लिए मजबूर किया। ऑस्‍ट्रेलिया की विदेश मंत्री मरिसे पायने ने सीनेट में सुनवाई के दौरान कहा कि कुल 10 एयरक्राफ्ट की महिला यात्रियों को तलाशी का शिकार होना पड़ा जो पूरी तरह से परेशान करने वाला और आक्रामक है। ऑस्‍ट्रेलिया और कतर के बीच में राजनयिक विवाद ऑ‍स्‍ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने कहा कि दो अक्‍टूबर को सिडनी जाने वाली 18 महिलाएं और फ्रांसीसी समेत अन्‍य विदेशी महिला यात्री इस जांच का शिकार हुईं। उन्‍होंने यह नहीं बताया कि अन्‍य महिला यात्री कहां जा रही थीं। इस घटना के बाद अब ऑस्‍ट्रेलिया और कतर के बीच में राजनयिक विवाद पैदा हो गया है। ऑस्‍ट्रेलिया ने इस घटना पर विरोध दर्ज कराया है। ऑस्‍ट्रेलिया के अधिकारी अन्‍य देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जहां महिलाएं इस दुर्व्‍यवहार का शिकार हुई हैं। ऑस्‍ट्रेल‍िया की कोशिश संयुक्‍त रूप से इस मुद्दे को कतर के साथ उठाने की है। ऑस्‍ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने कहा कि वह रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही हैं। इससे पहले दोहा के हमद एयरपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की थी कि यह घटना हुई है। हालांकि उसने विस्‍तृत विवरण देने से मना कर दिया। एयरपोर्ट ने अपील की है कि बच्‍चे की मां आगे आए और उसे ले जाए।


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Thursday, 22 October 2020

UN प्रतिबंधों के खत्म होते ही ईरान का शक्ति प्रदर्शन, जमकर दागीं मिसाइलें और रॉकेट

तेहरान ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के हथियार खरीदने के प्रतिबंधों के खत्म होते ही जमकर शक्ति प्रदर्शन किया है। गार्जियन ऑफ वेलायट स्काई -99 नाम से हुए इस युद्धाभ्यास में ईरान ने स्वदेशी मिसाइल डिफेंस सिस्टम-बावर -373 का भी टेस्ट किया है। माना जा रहा है कि ईरान का यह शक्ति प्रदर्शन हाल के दिनों में इजरायल और अमेरिका के हवाई युद्धाभ्यास के बदले में किया गया है। आधे ईरान में हो रहा है हवाई सुरक्षा युद्धाभ्यास मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह युद्धाभ्यास आधे ईरान में किया जा रहा है। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसकी नई एयर डिफेंस मिसाइलों ने अपने टॉरगेट को सफाई के साथ नष्ट कर दिया। ईरान ने अगस्त 2019 में बावर- 373 एयर डिफेंस सिस्टम को पहली बार दुनिया के सामने रखा था। लंबी दूरी का यह एयर डिफेंस सिस्टम एक साथ 100 से ज्यागा लक्ष्यों का पता लगा सकता है। ईरानी डिफेंस सिस्टम में तीन तरह की मिसाइलें बावर -373 में वर्टिकल लॉन्चिंग सिस्टम लगा हुआ है। जिसकी मिसाइलें एक स्क्वॉयर लॉन्चर्स के अंदर होती है। ऐसे लॉन्चर्स आम तौर पर युद्धपोतों पर तैनात किए जाते हैं। इस सिस्टम में फॉयर कंट्रोल रडार भी लगा हुआ है, जो मिसाइल की दिशा को परिवर्तित करने में भी सक्षम है। इस एयर डिफेंस सिस्टम में अलग-अलग टॉरगेट्स के लिए तीन तरह की मिसाइलें लगी हुई हैं। बावर -373 एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका और इजरायल भी कर रहे युद्धाभ्यास ईरान से तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल भी हवाई हमले का अभ्यास कर रहे हैं। इस अभ्यास में अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट भी हिस्सा ले रहे हैं। बता दें कि दोनों देशों की एयरफोर्स इस आधुनिक लड़ाकू विमान का उपयोग करती हैं। उधर आर्मीनिया अजरबैजान की लड़ाई में भी ड्रोन के घातक इस्तेमाल को लेकर ईरान डरा हुआ है। इस डर से भी वह अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाना चाहता है। संयुक्त राष्ट्र का हथियार प्रतिबंध खत्म ईरान के ऊपर दशकों से लगा संयुक्त राष्ट्र हथियार प्रतिबंध की समयसीमा खत्म हो गई है। अब ईरान किसी भी देश से अपनी सुरक्षा के लिए हथियारों की खरीद कर सकता है। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के ऊपर से प्रतिबंध को न हटाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया था, लेकिन रूस और चीन ने खुलकर ईरान का पक्ष लिया। दो दिन पहले हीी ईरान के ऊपर से यह प्रतिबंध खत्म हुआ है।


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Saturday, 17 October 2020

कासिम सुलेमानी की हत्या का जल्द लेंगे बदला, ईरानी जनरल ने दी अमेरिका को धमकी

तेहरान और के बीच जारी तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स Quds Force के डिप्टी कमांडर मोहम्मद रजा फलाहजादेह ने अमेरिका को खुलेआम धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि हम जल्द ही अमेरिका से अपने कमांडर जनरल के मौत का बदला लेंगे। ईरानी सेना के इस उच्च अधिकारी ने कहा कि ईरानी कमांडरों और सैनिकों की हत्या तेहरान को पीछे हटने या अपने लक्ष्यों को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करेगी। खमनेई भी दे चुके हैं ऐसी ही धमकी ईरानी सैन्य अधिकारी रज़ा फलाहजादेह का बयान उनके सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खमनेई के बयान से मेल खाता है। जिन्होंने पहले ही ऐलान किया हुआ है कि ईरान यह कभी नहीं भूलेगा कि अमेरिका ने कासिम सुलेमानी की हत्या की है। तेहरान निश्चित रूप से अमेरिका के इस आघात से निपटेगा। तो अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाएगा ईरान? अमेरिकी मीडिया पोलिटिको ने एक अनाम खुफिया स्रोत का हवाला देते हुए बताया था कि तेहरान शीर्ष ईरानी जनरल कासिम सोलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए विकल्पों पर गौर कर रहा है। मीडिया आउटलेट के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में अमेरिकी राजदूत एक संभावित लक्ष्य हो सकते हैं। जिसके बाद राजदूत की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से पोलिटिको के इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी थी। अमेरिका ने की थी कासिम सुलेमानी की हत्या अमेरिका ने इराक में 3 जनवरी 2020 को ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या की थी। बगदाद एयरपोर्ट से निकलने के बाद अमेरिकी ड्रोन ने कासिम सुलेमानी की कार को मिसाइल से उड़ा दिया था। बताया जाता है कि कासिम सुलेमानी इराक में गुप्त राजनयिक मिशन पर गए हुए थे। अमेरिका ने आरोप लगाया था कि कासिम सुलेमानी उसके दूतावास के ऊपर हमले का प्लान बना रहे थे।


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Sunday, 20 September 2020

ईरान इस साल तक बना सकता है परमाणु बम, डोनाल्‍ड ट्रंप लगाने जा रहे नए प्रतिबंध

तेहरान/वॉशिंगटन अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी के ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किए गए दावे से पश्चिम एशिया में खलबली मच गई है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि ईरान इस साल के आखिर तक परमाणु हथियार बना सकता है। ईरान से आ रहे इस खतरे को देखते हुए अमेरिका तेहरान के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने जा रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका सोमवार को ईरान से जुड़े दो दर्जन लोगों और संगठनों के खिलाफ प्रतिबंध लगा सकता है। अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को जारी रखे हुए है। उन्‍होंने कहा कि ईरान के पास पर्याप्‍त मात्रा में रेडियोधर्मी पदार्थ जिससे वह इस साल के आखिर तक परमाणु हथियार बना सकता है। उन्‍होंने यह कहा कि ईरान उत्‍तर कोरिया की मदद से लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम मिसाइलें बना रहा है। हालांकि उन्‍होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं पेश किए। 'ईरान और उत्‍तर कोरिया में फिर से सहयोग बढ़ा' ईरान से बढ़ रहे इसी खतरे को देखते हुए अमेरिका ईरान के दो दर्जन लोगों और संगठनों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने जा रहा है। इन लोगों पर ईरान के मिसाइल, परमाणु हथियार और अन्‍य परंपरागत हथियार कार्यक्रमों में शामिल होने का आरोप है। अमेरिका यह नए प्रतिबंध ऐसे समय पर लगाने जा रहा है जब डोनाल्‍ड ट्रंप ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव को कम करना चाहते हैं। यही नहीं उन्‍होंने यूएई और बहरीन के साथ इजरायल की दोस्‍ती कराई है। यूएई-बहरीन और इजरायल की दोस्‍ती से ईरान के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा बन गया है। ट्रंप को उम्‍मीद है कि इस मोर्चे से इजरायल समर्थक वोट उन्‍हें राष्‍ट्रपति चुनाव में मिल सकते हैं। अमेरिकी अधिकारी ने कहा, 'ईरान और उत्‍तर कोरिया में फिर से सहयोग बढ़ गया है, इसमें मिसाइलों के लिए जरूरी कलपुर्जे शामिल हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप आज ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े एक कार्यकारी आदेश को जारी कर सकते हैं।


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Friday, 18 September 2020

फिर जंग का मैदान बना सीरिया, रूस को मात देने के लिए अमेरिका ने भेजी फौज

दमिश्क सीरिया में रूस की बढ़ती ताकत को कम करने के लिए अमेरिका ने अतिरिक्त फोर्स और हथियारों की तैनाती की है। बताया जा रहा है कि सीरिया में तैनात रूसी सैनिक अमेरिकी सैनिकों को जानबूझकर निशाना बना रहे हैं। जिसके बाद अमेरिका ने अपनी फौज और हथियारों को बढ़ाने का फैसला किया। कुछ दिन पहले ही रूसी सेना की गाड़ी से हुए एक्सीडेंट में अमेरिका के चार जवान घायल हो गए थे। रूस ने सीरिया में बढ़ाई अपनी ताकत सीरिया में आईएसआईएस के खात्मे के बाद से अमेरिका ने अपने ज्यादातर सैनिकों को वापस बुला लिया था। उसके कुछ ही सैनिक वहां पर ताजा हालात की जानकारी रखने के लिए तैनात थे। इस बीच सीरिया में रूस ने अपनी सैन्य ताकत को जबरदस्त तरीके से बढ़ाया है। रूस खुलकर सीरियाई सरकार और राष्ट्रपति बशर अल असद का समर्थन करता है। जबकि, अमेरिका के नेतृत्व वाला गठबंधन उनका विरोधी है। अमेरिका ने कई घातक हथियारों को किया तैनात अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता नेवी कैप्टन बिल अर्बन ने कहा कि हमने सीरिया में आधुनिक रडार सिस्टम को भी तैनात किया है। अमेरिकी और गठबंधन सेना की बेहतर सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में फाइटर जेट की गश्त भी बढ़ा दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका सीरिया में किसी अन्य राष्ट्र के साथ संघर्ष नहीं करता है, लेकिन यदि आवश्यक हो, तो गठबंधन बलों का बचाव करेगा। रूस और अमेरिका में बढ़ी झड़प हाल के दिनों में रूस और अमेरिका के बीच सैन्य झड़पों में तेजी देखने को मिली है। पिछले महीने ही रूसी सेना के एक ट्रक ने अमेरिकी आर्मी के हल्के बख्तरबंद सैन्य वाहन को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में अमेरिकी सेना के चार जवान घायल हो गए थे। वहीं, रूस ने इस घटना के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने ने कहा था कि रूस ने अमेरिकी गठबंधन सेना को रूसी सैन्य पुलिस के काफिले के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। लेकिन, अमेरिकी बलों ने रूसी सैन्य काफिले को बाधित करने का प्रयास किया था। असद सरकार का विरोधी है अमेरिका सीरिया में अमेरिका सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज को समर्थन देता है। यह गुट असद सरकार का विरोध करती है। हाल में ही भयंकर गृहयुद्ध से निकली सीरिया सरकार का पूरे देश के ऊपर नियंत्रण नहीं है। जिसके कारण सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज समेत कई ऐसे विरोधी गुट हैं जो देश के बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि अमेरिकी सेना की नई तैनाती से सीरिया फिर जंग का मैदान बन सकता है।


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Friday, 11 September 2020

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को बड़ी सफलता, अब बहरीन ने दी इजरायल को मान्‍यता

रियाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के पश्चिम एशिया में शांति लाने के प्रयास रंग लाते दिख रहे हैं। संयुक्‍त अरब अमीरात के बाद बहरीन ने भी इजरायल को मान्‍यता देने और संबंधों को सामान्‍य बनाने पर अपनी सहमति दे दी है। ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्‍होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू और बहरीन के शाह हमद बिन अल खलीफा के साथ बात की है। इस बातचीत के बाद तीनों नेताओं ने एक 6 पैराग्राफ का संयुक्‍त बयान जारी किया है जिसमें इस डील का ऐलान किया गया। बहरीन-इजरायल डील के बाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने ट्वीट किया, 'आज एक और ऐतिहासिक सफलता।' दोनों देशों के बीच इस डील का ऐलान अमेरिका पर 11 सितंबर को हुए आतंकी हमले के 19 साल पूरे होने के दिन किया गया। ट्रंप एक सप्‍ताह बाद ही वाइट हाउस में यूएई और इजरायल के बीच डील को लेकर एक समारोह का आयोजन करने जा रहे हैं। बहरीन के विदेश मंत्री भी इस ऐतिहासिक समारोह में मौजूद रहेंगे। डोनाल्‍ड ट्रंप को अमेरिकी चुनाव में बढ़त की उम्‍मीद विश्‍लेषकों के मुताबिक अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव से ठीक पहले ट्रंप को यह एक और राजनीतिक जीत मिली है जिससे वह इजरायल समर्थक ईसाइयों को अपने पाले में ला सकेंगे। पिछले सप्‍ताह ही ट्रंप ने कोसोवो के इजरायल को मान्‍यता देने और सर्बिया के तेलअवीव से यरूशलम में दूतावास के ले जाने की सहमति देने की घोषणा की थी। ट्रंप, नेतन्‍याहू और किंग हमद ने कहा, 'यह ऐतिहासिक सफलता है जो पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देगी।' तीनों नेताओं ने कहा, 'दो बहुआयामी समाजों और अर्थव्‍यवस्‍थाओं के बीच में सीधे संवाद शुरू करना और संबंधों को बढ़ावा देना पश्चिम एशिया में सकारात्‍मक बदलाव लाएगा। इससे इलाके में स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि बढ़ेगी।' बता दें कि यूएई की तरह से बहरीन-इजरायल डील दोनों देशों के बीच राजनयिक, सुरक्षा, व्‍यावसायिक और अन्‍य संबंधों को बढ़ावा देगी। बहरीन चौथा अरब देश जिसने इजरायल को मान्‍यता दी बहरीन और सऊदी अरब ने पहले ही इजरायली यात्री विमानों को अपने एयर स्‍पेस के इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है। इस डील में ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्‍नर ने अहम भूमिका निभाई है। उन्‍होंने कहा, 'पश्चिम एशिया के देश यूएई-इजरायल डील पर बहुत तेजी से अपनी सकारात्‍मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आशा करता हूं कि अभी आगे भी यह जारी रहेगा। इस डील से एक बार फिर से फलस्‍तीन को करारा झटका लगा है जो इजरायल के साथ संबंध बहाल करने का विरोध करता रहा है। हालांकि इजरायल-बहरीन डील में फलस्‍तीन के मुद्दे के न्‍यायोचित समाधान की बात कही गई है। इस डील के बाद बहरीन ऐसा चौथा अरब देश बन गया है जिसने इजरायल को मान्‍यता दी है। इससे पहले मिस्र, जॉर्डन और यूएई ने इजरायल को मान्‍यता दी थी। अभी सऊदी अरब इजरायल से पूरी तरह से संबंध सुधारने से परहेज कर रहा है। यूएई की तरह से बहरीन ने कभी भी इजरायल के खिलाफ युद्ध नहीं लड़ा है। हालांकि बहरीन ने इजरायल के वर्ष 1967 में फलस्‍तीनी जमीन पर कब्‍जा करने के बाद से उसके साथ अपने राजनयिक संबंध को खत्‍म कर‍ लिया था। बहरीन को सता रहा ईरानी हमले का खतरा मात्र 760 वर्ग किलोमीटर में फैले बहरीन को ईरानी हमले का डर सता रहा है। इसी वजह से उसने अमेरिकी और ब्रिटिश सैन्‍य अड्डे को अपने यहां पर अनुमति दी है। ईरान से तनाव की वजह यह है कि यहां की आबादी ज्‍यादातर शिया है लेकिन यहां पर वर्ष 1783 से ही सुन्‍नी अल खलीफा परिवार के शासक रहे हैं। ईरान ने एक बार बहरीन पर कब्‍जा करने का प्रयास किया था लेकिन उसे सफलता नहीं म‍िली। बहरीन के शासकों ने आरोप लगाया है कि ईरान उग्रवादियों को हथियार दे रहा है। माना जा रहा है कि साझा शत्रु ईरान से निपटने के लिए बहरीन ने इजरायल के साथ हाथ मिलाया है।


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Friday, 7 August 2020

UAE में काटे नहीं कटी Kerala Plane Crash की रात, फोन के पास बैठे रहे परिजन

दुबई संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे उन लोगों के लिए शुक्रवार रात का एक-एक पल काटना मुश्किल हो गया जिनके परिजन और दोस्त उस प्लेन में सवार थे। जब वे केरल के लिए निकले थे तो उन्हें कहां पता था कि इतना भयानक हादसा इस प्लेन की राह देख रह था। प्लेन क्रैश की खबरें और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के साथ ही UAE में बैठे भारतीय अधिकारियों को बदहवास से फोन मिलाए जा रहे थे। इस क्रैश में 18 लोगों की मौत हो गई है 127 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। 'कुछ सोच नहीं पा रहा हूं' खलीज टाइम्स को फोन पर सफन वडक्कन ने रात को बताया, 'मैं कुछ सोच नहीं पा रहा हूं। मेरी पत्नी और बच्चे प्लेन पर हैं। वे सुरक्षित हों। मैं जितने नंबर मिल रहे हैं, सब पर कॉल कर रहा हूं। मुझसे कहा गया है कि मेरी पत्नी और बच्चे सेफ हैं लेकिन कुछ भी अभी साफ नहीं है। मैं बस प्रार्थना कर रहा हूं।' उनके भाई जयन की पत्नी और तीन बच्चे भी उस फ्लाइट पर थे। वडक्कन ने बताया कि उन सब के वीजा एक्सपायर हो गए थे। 'बस मिल जाए कोई खबर' मुनीर की भाभी भी उस फ्लाइट में थीं। वह बताते हैं कि उनके भाई और परिवार का बुरा हाल है। उन्होंने बताया, 'हमें नहीं पता उनका क्या हुआ। मैंने अपने भाई-भाभी के साथ गुरुवार को लंच किया था और वह घर जाने के लिए बेहद उत्साहित थीं।' उन्होंने बताया कि किसी चीज की पुष्टि नहीं हो रही। बहुत उलझन है और बस एक उम्मीद है कि उनके बारे में कोई जानकारी मिले। 'अल्लाह का शुक्रिया' शारजाह में अपने पति अंशद से मिलकर वापस जा रहीं शाहीना क्रैश के वक्त सिर्फ अपने बच्चों जियान, जेया और जैन को खोज रही थीं। उनका पासपोर्ट और फोन खो गया लेकिन किसी तरह घर से एक शख्स अस्पताल पहुंच गया। उनके पति ने गल्फ न्यूज को बताया, 'मेरी पत्नी और बच्चों को बचाने के लिए अल्लाह का शुक्र है। हमारे परिजन अस्पताल पहुंच गए जहां शाहीना और बड़े बच्चे थे। जुड़वां बच्चे दूसरे अस्पताल में थे लेकिन अब सब साथ हैं।' जारी किए हेल्पलाइन नंबर UAE में भारतीय दूतावास और समुदाय ने परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ अमन पुरी ने कहा कि हम यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं। हमें जब भी इस हादसे से संबंधित कोई सूचना प्राप्त होगी हम आपके साथ शेयर करेंगे। हमारे हेल्पलाइन +97156 5463903, +971543090572, +971543090572, +971543090575 लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वाणिज्य दूतावास यात्रियों और उनके परिजनों की हर संभव सहायता के लिए उपलब्ध है। कम्यूनिटी ग्रुप्स भी आगे आए इसके अलावा कम्यूनिटी ग्रुप्स ने भी हेल्पलाइन लॉन्च की है। शारजाह में इंडियन असोसिएशन क अध्यक्ष ईपी जॉनसन ने कहा है कि किसी भी जरूरत हो तो उन्हें फोन किया जा सकता है। केरल मुस्लिम कल्चरल सेंटर के ऐडवोकेट इब्राहिम खलील ने कहा है, 'हमारे वॉलंटिअर्स केरल में मौके पर हैं। UAE में हम यात्रियों और उनके परिवारों से बात करके पूरी मदद पहुंचा रहे हैं।'


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Tuesday, 28 July 2020

हादसे में बेटे को खोने वाले भारतीय ने दुबई में फंसे 61 लोगों को भेजा घर

दुबई दुबई में एक हादसे में अपने बेटे को खोने वाले भारतीय मूल के व्‍यवसायी टीएन कृष्‍ण कुमार ने 61 भारतीयों को घर लौटने में मदद की। उन्‍होंने यूएई में फंसे 61 भारतीयों के ट‍िकट का पूरा खर्च उठाया। कृष्‍ण कुमार के 19 साल के बेटे रोहित और पड़ोसी शरत (21) स्‍कूल खत्‍म होने के बाद छुट्ट‍ियां मनाने गए थे और इसी दौरान हुए एक हादसे में दोनों की मौत हो गई। अपने बेटे का अंतिम संस्‍कार करके केरल से लौटने के बाद कृष्‍ण कुमार ने अपना समय सामाजिक सेवा में बिताना शुरू कर दिया। कृष्‍ण कुमार लंबे समय से सामाजिक सेवा में लगे रहे हैं। बेटे जाने के दुख से जहां उनकी पत्‍नी अभी तक उबर नहीं पाई हैं, वहीं कृष्‍ण कुमार सामाजिक सेवा में अपने आपको व्‍यस्‍त रखकर रोहित के जाने के दुख को भुलाने में लगे हैं। कोरोना संकट के बीच कृष्‍ण कुमार ने ऑल केरला कॉलेज एल्मुनाई फेडरेशन वॉलंटियर ग्रुप को अपना समर्थन दिया। इस समूह को केरल के 150 कॉलेजों के छात्रों ने मिलकर बनाया है। यह समूह जरूरतमंद लोगों को खाने का किट और मेडिकल सहायता मुहैया करा रहा है। साथ ही जो लोग घर नहीं लौट पा रहे हैं, उनके लिए टिकट मुहैया करा रहा है। कृष्‍ण कुमार ने अपने खर्चे से 61 भारतियों को चार्टर्ड फ्लाइट से भारत वापस भेजा। टीएन कृष्णकुमार ने बताया की बेटे की मौत से वे टूट गए थे जिसके बाद से उन्होने खुद को दूसरों की भलाई और मदद के कामों में लगा दिया। उन्‍होंने कहा, 'जीवन में जब ऐसा कुछ होता है, तब समझ में आता है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता। मैंने जो कुछ बनाया था अपने बेटे के लिए बनाया था उसके जाने के बाद से सब बिखर गया।' कृष्ण कुमार का एकमात्र बेटा रोहित कृष्णकुमार ब्रिटेन में मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में तीसरे वर्ष का मेडिकल छात्र था।


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Friday, 17 July 2020

Sinopharm Coronavirus Vaccine: चीनी वैक्‍सीन के तीसरे चरण का ट्रायल UAE में शुरू, कोविड-19 की हर नस्‍ल पर कारगर

अबू धाबी कोरोना वायरस से जंग के लिए वैक्‍सीन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्‍छी खबर है। चीन की कोरोना वायरस वैक्‍सीन के तीसरे चरण का ट्रायल शुरू हो गया है। इसके तहत संयुक्‍त अरब अमीरात के अबू धाबी शहर में 15 हजार लोगों को चीनी टीका लगाया जा रहा है। यह दुनिया की पहली ऐसी वैक्‍सीन है जिसके तीसरे चरण का ट्रायल शुरू हुआ है। इस टीके का निर्माण चीन की कंपनी साइनोफार्म सीएनबीजी ने किया है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की ओर से पंजीकृत इस वैक्‍सीन के क्लिनिकल ट्रायल की शुरुआत यूएई के शेख अब्‍दुल्‍ला बिन मोहम्‍मद अल हमद ने किया। बताया जा रहा है कि यूएई में करीब 200 देशों के लोग रहते हैं, इसलिए यहां पर वैक्‍सीन के ट्रायल की अनुमति दी गई है। यूएई के अधिकारियों ने बताया कि इस ट्रायल में 15 वॉलंटियर हिस्‍सा ले रहे हैं। इस दौरान चीन के राजदूत भी मौजूद थे। वैक्‍सीन महामारी की सभी तरह की नस्‍लों पर कारगर इस क्लिनिकल ट्रायल को बहुत ही सख्‍त नियमों के तहत कराया जा रहा है। चीनी कंपनी का दावा है कि पहले और दूसरे चरण में सफलता के बाद इस वैक्‍सीन का अब तीसरा ट्रायल शुरू किया गया है। साइनोफार्म कंपनी का दावा है कि 28 दिन के अंदर दो बार इस वैक्‍सीन की डोज देने पर 100 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी विकस‍ित हो गया। इस तीसरे चरण के ट्रायल में 18 से 60 साल तक के लोग हिस्‍सा ले रहे हैं। साइनोफार्म के अध्‍यक्ष यांग शिआओमिंग ने कहा कि यह इनएक्‍टीवेटेड कोरोना वायरस वैक्‍सीन इस महामारी की सभी तरह की नस्‍लों पर कारगर है। साथ ही इसका अन्‍य वैक्‍सीन की तुलना में बहुत कम दुष्‍प्रभाव है। उन्‍होंने कहा कि हाल ही में चीन के शिनफादी बाजार में मिले वायरस की नस्‍ल पर भी यह वैक्‍सीन कारगर है। बता दें कि अभी तक किसी भी कोरोना वायरस वैक्‍सीन को मंजूरी नहीं दी गई है। डब्‍ल्‍यूएचओ के मुताबिक 23 वैक्‍सीन का इंसानों पर ट्रायल चल रहा है। इनमें से तीन वैक्‍सीन अपने ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच गई हैं। अब तक 5,84,355 लोग इस महामारी से मारे जा चुके हैं। यह हमारी दुनिया के 196 देशों में फैल चुकी है।


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Wednesday, 8 July 2020

भारत के सोहम मुखर्जी ने बना गिनीज बुक रेकॉर्ड, एक पैर से 101 छलांग

दुबई दुबई में रहने वाले एक भारतीय युवा ने अद्भुत कारनामा कर दिखाया है और देश के नाम एक गौरव जोड़ दिया है। ने एक पैर से 101 बार कूदकर अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड में दर्ज करा लिया है। इस कारनामे के लिए गिनीज बुक के अधिकारी मौजूद थे और सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए उनका वीडियो लिया गया जिसके आधार पर उनके नाम यह करतब किया गया। पिछला रेकॉर्ड 96 कूद के नाम दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले मुखर्जी ने 30 सेकेंड में 96 बार कूदने के पिछले रेकॉर्ड को तोड़ दिया। रिकॉर्ड तोड़ने पर वैश्विक संस्था ने एक बयान जारी करके कहा, 'शयनकक्ष में लिए गए वीडियो में मुखर्जी कुल 110 बार कूदा लेकिन इनमें से नौ को अमान्य घोषित किया गया।' मुखर्जी ने कहा कि इसे दो कैमरों से रिकॉर्ड किया गया और पास से ‘स्लो मोशन’ से इसे नापा गया। मुखर्जी ने एक बयान में कहा, 'रिकॉर्ड को नजदीक से स्लो-मोशन वीडियो से मापा गया था, ताकि लाइन ऑब्जेक्ट और मेरे पैर स्पष्ट रूप से दिखाई दें।' मुखर्जी ने इसका श्रेय अपने सक्रिय खेल जीवन को देते हुए कहा कि इस विशिष्ट रेकॉर्ड को तोड़ने में उनकी मदद ताइक्वांडो में 13 वर्षों की उनकी मेहनत ने की ।


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Tuesday, 21 April 2020

Coronavirus: रमजान में भी मक्का-मदीना में नहीं पढ़ी जाएगी नमाज

रियाद सऊदी अरब में मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ने पर रोक और बढ़ा दी गई है। सऊदी प्रशासन ने रमजान का महीना शुरू होने से पहले ही रोक को बढ़ा दिया है। लोग मक्का और मदीना स्थित दो बड़ी मस्जिदों में रमजान के महीने के दौरान भी नमाज नहीं पढ़ पाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है। लाउडस्पीकर पर होगी नमाज इस महामारी से बचाव के लिए मक्का स्थित ग्रांड मस्जिद और मदीना स्थित प्रोफेट मस्जिद में रमजान के दौरान नमाज पढ़ने पर रोक लगाई गई है। मक्का की मस्जिद अल-हराम और अल मस्जिद अल-नबावी में रमजान के दौरान लाउड स्पीकर पर अजान की जाएगी, लेकिन इन मस्जिदों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि इससे पहले सऊदी अरब ने 19 मार्च से ही देश की मस्जिदों में नमाज अदा करने पर रोक लगाई हुई थी। घर पर पढ़ें नमाज सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला अल-शेख ने लोगों से अपील की है कि इस महामारी के मद्देनजर अगले हफ्ते से शुरू होने वाले रमजान के महीने में 'तरावीह' की नमाज के साथ ही ईद की नमाज को भी घर पर ही पढ़ें, ताकि ताकि सऊदी में वायरस का संक्रमण फैलने से रोका जा सके।


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Friday, 17 April 2020

सऊदी में स्पेन के डांसर पर अटैक, अलकायदा आतंकी को दी गई फांसी

रियाद सऊदी अरब में पिछले साल स्पेन के तीन डांसर पर चाकू से हमला करने वाले हमलावर को गुरुवार को फांसी दे दी गई। रूढ़िवादी समाज वाला सऊदी अब आधुनिकीकरण को अपना रहा है जहां धार्मिक नेताओं ने दशकों तक मनोरंजन पर प्रतिबंध लगा रखा था। इसी के तहत यहां हाल ही में एंटरटेनमेंट अथॉरिटी की स्थापना की गई है जिसने नवंबर में फेस्टिवल का आयोजन किया था। इसी दौरान थियेटर ग्रुप के सदस्यों पर हमला हुआ। बताया जाता है कि चाकू मारने वाले शख्स का आतंकी संगठन अलकायदा से संबंध था और वह यमन का रहने वाला था। 33 साल के इमाम अल-मनसौरी ने 11 नवंबर को रियाद के किंग अब्दुल्ला पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान थियेटर ग्रुप पर अटैक किया था। वह स्टेज पर चढ़ा और थियेटर ग्रुप के सदस्यों पर चाकू से वार कर दिया। हालांकि, अलकायदा ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेष अदालत ने मनसौर के खिलाफ आतंकवाद की धारा के तहत केस चलाया। ऐसा पाया गया कि वह यमन में अलकायदा के अपने नेता के इशारे पर ऐसा कर रहा था। आंतरिक मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि उसे गुरुवार को फांसी दे दी गई। दरअसल, देश में हाल ही में एंटरटेनमेंट अथॉरिटी स्थापित की गई है। सऊदी ने मनोरंजन जगत पर लंबे समय के प्रतिबंध को हटा दिया है। मनसौरी ने एंटरटेनमेंट अथॉरिटी के विरोध में सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी किया था और उसके बाद ही उसने हमले की योजना बनाई थी। उल्लेखनीय है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने विजन2030 के तहत आधुनिक सुधार के कार्यक्रम का वादा किया था। यहां दशकों से सिनेमा और मिक्स्ड जेंटर कॉन्सर्ट पर प्रतिबंध लगा हुआ था जिसे हटा दिया गया है। इसके साथ ही महिलाओं को फुटबॉल मैच देखने की भी छूट है।


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Friday, 21 June 2019

US ड्रोन मार गिराए जाने के बाद वैश्विक एयरलाइन कंपनियों ने अपनी उड़ानों के मार्ग बदले

दुबई ईरान द्वारा अमेरिकी निगरानी सैन्य ड्रोन को मार गिराने के बाद दुनियाभर की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने शुक्रवार को अपनी उड़ानों के मार्ग परिवर्तित करने शुरू कर दिए ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के क्षेत्रों से बचा जा सके। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वाणिज्यिक एयरलाइनरों पर गलती से हमला किया जा सकता है। गुरुवार को ईरान की ओर से दागी गई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से अमेरिकी नौसेना के मानवरहित विमान RQ-4A ग्लोबल हॉक को मार गिराने के बाद द फेडरल एविएशन ऐडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने क्षेत्र में 'गलत पहचान या गलत अनुमान की संभावना' की चेतावनी दी। अमेरिका के उक्त ड्रोन विमान के पंख बोइंग 737 जेट से बड़े थे और इसकी कीमत 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक थी। अमेरिका ने कहा कि पहले उसने ईरान पर सीमित हमले की योजना बनाई थी लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया। ऑस्ट्रेलिया की क्वांटस, ब्रिटिश एयरवेज, नीदरलैंड्स की केएलएम और जर्मनी की लुफ्तांसा ने भी कहा कि वे क्षेत्र से उड़ान से पहरेज करेंगी। वैश्विक एयरलाइंस को दिशानिर्देश मुहैया कराने वाली कंपनी OPS ग्रुप ने चेतावनी देते हुए कहा, 'किसी नागरिक विमान को दक्षिणी ईरान में मार गिराने का खतरा वास्तविक है।' ईरान ने अमेरिकी घोषणा पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की। FAA ने कहा कि उसकी चेतावनी तेहरान फ्लाइट इंफर्मेशन रीजन के क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। एफएए ने कहा, 'क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है जो कि अमेरिकी नागरिक उड़ानों के लिए अनजाना जोखिम उत्पन्न करता है और यह गलत पहचान का खतरा उत्पन्न करता है।' क्वांटस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी से बचने के लिए वह अपनी लंदन उड़ानों के मार्ग परिवर्तित करेगी। नीदरलैंड एयरलाइन केएलएम और ब्रिटिश एयरवेज ने भी कहा कि उनकी उड़ानें जलडमरूमध्य से परहेज करेंगी। लुफ्तांसा ने कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के साथ ही आसपास के क्षेत्र से परहेज करेगी। हालांकि, उसने कहा कि वह तेहरान के लिए अपनी उड़ानें जारी रखेगी। अबु धाबी स्थित ऐतिहाद ने बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए कहा कि 'आकस्मिक योजनाएं' लागू हैं। इसके अलावा अन्य प्रमुख एयरलाइन कंपनियों इमेरात और कतर एयरवेज के अलावा कुछ किफायती एयरलाइन कंपनियों ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। ईरान ने कहा है कि ड्रोन ने उसके हवाईक्षेत्र का उल्लंघन किया जबकि अमेरिकी ने मिसाइल दागे जाने को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाईक्षेत्र में 'बिना उकसावे का हमला' बताया है। OPS ग्रुप ने कहा कि ड्रोन को मार गिराने के लिए इस्तेमाल ईरानी हथियार प्रणाली रूसी बक प्रणाली जैसी ही है जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर 2014 में यूक्रेन में मलयेशियाई एयरलाइन को मार गिराने के लिए किया गया था। ट्रम्प ने शुरुआत में ट्वीट किया था, 'ईरान ने एक बड़ी गलती कर दी है।' बाद में वह घटना को कमतर करते प्रतीत हुए जब उन्होंने ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से कहा कि 'किसी जनरल या किसी और ने' ड्रोन को मार गिराने की गलती की।


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Tuesday, 11 June 2019

दुबई में भारतीय की 10 लाख डॉलर की लॉटरी निकली

दुबई में एक भारतीय शख्स ने लॉटरी में 10 लॉख डॉलर की रकम जीती है। रघु कृष्णमूर्ति नाम के शख्स ने लॉटरी में 10 लाख डॉलर की बड़ी रकम जीती है।

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SONI SERIES UPDATES

छत्तीसगढ़ टीम ने जीता 14 स्वर्ण पदक 5 रजत पदक कसया पदक 7 छत्तीसगढ़ टीम 2 विजेता रहा

My Ambikapur News 19 वी राष्टीय मतसोगी प्रतियोगिता चंडीगढ़ पंजाब में छत्तीसगढ़ राज्य टीम ने विजय प्राप्त दूसरे  स्थान पे छत्तीसगढ़ राज्य मतस...

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